Chittorgarh Darshan | चित्तौड़गढ़ में देखने लायक जगह

Chittorgarh Darshan | चित्तौड़गढ़ दार्शनिक स्थल सूची

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Chittorgarh Darshan: राजस्थान के एक जिले के रूप मे विख्यात चित्तौड़गढ़ कभी मेवाड़ की राजधानी हुआ करता था। राजस्थान के इतिहास की दृष्टी से भी चित्तौड़गढ़ एक खास भूमिका रखता है। फिर चाहे राणा सांगा की बहादुरी हो या फिर रानी पद्मनी के द्वारा कीया गया जौहर हो, अगर आप चित्तौड़गढ़ के इतिहास के पन्नों को खोल कर देखेंगें तो आप पाएंगे की चित्तौड़गढ़ के वीर योद्धाओ ने अपनी सभ्यता एवं संस्कृति को बचाने के लिए क्या कुछ नहीं कीया । आज के इस पोस्ट मे हमने चित्तौड़गढ़ के दार्शनिक स्थलों की जानकारी एक छोटे रूप मे साझा की है । जिसे आप नीचे देख सकतें है ।

Chittorgarh Darshan

चित्तौड़गढ़ दार्शनिक स्थल सूची:-

चित्तौड़गढ़ राजस्थान के सभी दार्शनिक स्थलों की सूची नीचे दी गई है

1. चित्तौड़गढ़ दुर्ग : चित्तौड़गढ़ का एतिहासिक दुर्ग

  • चित्तौड़गढ़ दुर्ग की आकृति एक विशाल व्हेल मछली के समान है, यह दुर्ग चित्रकुट पहाड़ी पर बना हुआ है |
  • इस दुर्ग का निर्माण चित्रांगद मोर्य द्वारा करीब 7 वी सताब्दी में किया गया था|
  • इस दुर्ग के पास ही में नौलखा भण्डार एवं बनवीर की दीवार स्थित है|

2. राणा कुम्भा के महल : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • महाराणा कुम्भा द्वारा इस महल में जीर्णोद्धार करवाने एवं नए भवनों का निर्माण कराने के कारण यह कुम्भा महल कहलाता है
  • यहां बने भवनों में ‘ दीवान-ए-आम, सूरत गोखड़ा, जनाना महल, कंवरपदा ‘ के महल प्रमुख हैं

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3. फतह प्रकाश महल चित्तौड़गढ़ : राजस्थान

  • उदयपुर के महाराणा फतहसिंह द्वारा निर्मित महल होने के कारण यह फतह प्रकाश महल कहलाता है

4. पद्मिनी महल चित्तौड़गढ़ : राजस्थान

  • रानी पद्मिनी का महल राजस्थान के पर्यटन स्थलों में से एक है
  • राणा रत्न सिंह की ख़ूबसूरत पत्नी रानी पद्मावती के नाम पर ही इस महल का नाम रखा गया था |
  •  यह महल ‘पद्मिनी तालाब’ की उत्‍तरी परिधि पर स्‍थित है।

5. विजय स्तम्भ : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • 122 फीट ऊंचा नौ मंजिला विजय स्तम्भ भारतीय स्थापत्य कला की बारीक एवं सुंदर कारीगरी का नायाब नमूना है जो नीचे से चौड़ा बीच में सकड़ा योग ऊपर से पुणे चौड़ा डमरू के आकार का है|
  • इस विजय स्तम्भ में करीब 157 सीढीया है|
  • विजय स्तम्भ का निर्माण महाराणा कुम्भा ने करवाया था
  • विजय स्तम्भ के आन्तरिक तथा बाहरी भागों पर भारतीय देवी- देवताओ की सैकड़ो मूर्तियां उत्कीर्ण है|
  • इसके पास ही जोहर स्थल स्थित है

6. किर्ति स्तम्भ : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • 75 फीट ऊंचे सात मंजिलें इस स्मारक का निर्माण 12 वीं शताब्दी में दिगंबर संप्रदाय के बघेरवाल महाजन सानाय के पुत्र जीजा ने करवाया था

7. श्रृंगार चंवरी : पाणिग्रहण संस्कार का स्थल

  • महाराणा कुंभा की राजकुमारी के विवाह की चंवरी (पाणिग्रहण संस्कार का स्थल) जिसे श्रृंगार चंवरी के नाम से जाना जाता है
  • यह राजपूत व जैन स्थापत्य कला के अद्भुत समन्वय का प्रतीक है|

8. सतबीस देवरी : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • यह 11वीं शताब्दी में बना भव्य जैन मंदिर है , जिसमें 27 देवरियां होने के कारण यह सतबीस देवरी कहलाता है।

9. मीरा बाई मंदिर : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • यह मीरा का निज मंदिर है जिसमें मुरली बजाते हुए श्री कृष्ण तथा भक्ति में लीन भजन गाती हुई मीरा का चित्र लगा है
  • मीरा मंदिर के सामने मीरा के गुरु रैदास की स्मारक छतरी बनी हुई है
  • मीराबाई का जन्म सन 1498 मेड़ता में हुआ था

10. कुम्भ श्यामा मंदिर : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • विष्णु के वराह अवतार व कुम्भ श्याम के भव्य मंदिर का निर्माण महाराणा कुम्भा ने सन् 1449 ईसवी में करवाया था
  • यह मंदिर इण्डो-आर्यन स्थापत्य कला का सुंदर नमूना है

11. गौतमेश्वर : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • गौतमेश्वर नामक स्थल गौतम ऋषि का स्थान माना जाता है
  • जहां प्रतिवर्ष वैशाख माह में पूर्णिमा को विशाल मेला भरता है

12. कालिका माता का मंदिर : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • इस मंदिर का निर्माण मेवाड़ के गुहिल वंशीय राजाओं ने आठवीं/नवीं शताब्दी में करवाया था

13. नगरी : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • यह स्थान गंभीरी नदी पर स्थित है
  • इसका प्राचीन नाम ‘मध्यमिका’ था,
  • हाथियों का बाड़ा नामक स्थान पर एक ‘दीवड’ बनी है, कहा जाता है कि अकबर की सेना द्वारा चित्तौड़ आक्रमण के समय यहां मसाले जलाकर दूर-दूर तक प्रकाश किया जाता था

14. बाडोली : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • यहाँ के प्राचीन भव्य मंदिर दर्शनीय है
  • जिनमें मुख्य ‘घटेश्वर’ का शिवालय है

15. मेनाल : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • मेनाल प्राचीन शिव मंदिर ‘नीलकंठेश्वर महादेव’ के लिए प्रसिद्ध है
  •  यह शिवालय ‘महानाल देव’ के नाम से भी प्रसिद्ध है|

16. श्री सांवलियाजी का मन्दिर : चित्तौड़गढ़ राजस्थान

  • श्री सांवलिया जी का मंदिर मण्डफिया गांव में स्थित है
  • चित्तौड़गढ़ जिले में मातृकुंडिया,भंवर माता,आवरी माता,झांतला माता ,जोगणिया माता आदि प्रमुख स्थल है

Pehle Rajasthan के द्वारा साझा की गई (Chittorgarh Darshan) चित्तौड़गढ़ में देखने लायक जगह की  जानकारी आपको कैसी लगी हमे comment करके जरूर बताएं एवं इसमे आपको कुछ त्रुटि दिखे तो कृपया हमे अवगत जरूर करें ।

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